परमेश्वर उनहें प्रदतिल िे रहा होगा पर मुझे नहीं।

आज हम उस दवचार से हटने का उपवास कर रहे हैं जो कहता है: “पर्रेश्वर उनहें प्रडतफल दरे रहा होगा पर ्ुझरे नहीं।” हमारे दलए सबसे जयािा िु:खी करने वाली एक बात यह है दक, हम िूसरों से और जो कु छ उनके पास है, उससे अपनी तुलना करते हैं। जब हम तुलना करते हैं, तो हम दनरार होते हैं। इसदलए…

आइए आज हम इसे बिलें

1. पर्रेश्वर करे पास प्रत्यरेक व्यडक्त करे डलए प्या्तप्त है। भजन 145:16 कहता है दक वह प्रत्यरेक जीदवत प्राणी की इचछा को पूरा करता है। वह दकसी एक वयदति का प्रदतिल लेकर दकसी और को नहीं िे िेता।

2. आप क्या िाहतरे हैं? सवतंत्ता? आननि? प्राविान? दकसी के सार अचछ समबनि? वह आपकी इचछा को पूरा करेगा। अभी उससे माँगे।

3. इसरे स्झें: पर्रेश्वर डकसी भी बात करे ऊपर अपनरे विन का सम्ान करता है। उसके वचन को रामे रहें, और आप प्रदतिल पाएँगे। पदोननडत, बहुता्यत और प्रडतफल आएँगरे।

4. अपनरे डविारों को उन पर सरे हटाएँ, और पर्रेश्वर पर करे डनद्त करें। अपनी आँखें यीरु की ओर लगाएँ। वह उन सभी चीजों का स्ोत है दजनकी कभी आपने चाह की होगी या दजनकी आपको आवशयकता होगी। प्रतयेक अचछी और उत्तम भेंट ऊपर से ही आती है (याकू ब 1:17)। ऊपर की ओर िेखे; बाहर नहीं।

5. उसकी खोज करना, डजतना आप सोितरे हैं उससरे अडधक आसान है।परमेश्वर की खोज करना हमारे प्रयास के बारे में नहीं है। यह यीरु को अपने स्ोत के रूप में दरेखनरे और उसके सोचने और चीजों को िेखने के तरीके के बारे में है। जब हम उसके माग्त (उसका वचन) सोचते हैं, तो हम उसकी तरह दवश्वास करेंगे। हमारा दवश्वास बढेगा! अदभवयदतियाँ आएँगी। यही उसकी खोज करने का अर्त है। 

6. अन्य लोगों की पदोननडत्यों और प्रडतफलों को आप अपनी भडवष्यवाणी करे रूप ्ें दरेखें। यीरु ने जो दकसी और के दलए दकया है, उसकी गवाही इस बात की भदवषयवाणी है दक वह आपके दलए भी वही कर सकता है!

7. कृ पा की अपरेषिा करें। कृ पा िमषी को चारों ओर से घेर लेती है! और आप मसीह में होने के द्ारा परमेश्वर की िादम्तकता िहरते हैं।

इसे सोचें और इसे कहें

मे रा प्रतिफ ल देनेवाला परमेश्वर है। मैं अपने जीवन और स्थिति के बारे में उसकी सोच को अपनाता हूँ। मैं उस पर अपनी आँखें लगाता हूँ, और वह मेरे विश्वा स को पूर्ण र्ण करता है। और यीशु के नाम से कृपा मुझे घेरे रहती है, पदोन्नति मुझे घेरे है, और परमेश्वर का प्रतिफ ल मुझे घेरे रहते हैं!



Categories: christianity, hindi

Tags: , , , , , , , , , , , , ,

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: