“परमेश्वर मुझसे िूर है।”

आज हम उस दवचार से हटने का उपवास कर रहे हैं जो कहता है, “पर्रेश्वर ्ुझसरे बहुत दूर है।”

हमें न के वल सही और गलत के बीच के अनतर को पहचानना सीखना चादहए, अदपतु हमें सही और लगभग सही के बीच के अनतर को भी पहचानना चादहए।

परमेश्वर को उतरकर हमारी सहायता करने के दलए कहना लगभग सही है। यह पदवत् प्रतीत होता है। यह दवनम्र प्रतीत होता है। परनतु जब आप इस बात की खोज करेंगे दक वह पहले से ही यहाँ है, तब आप पूरी तरह से सवतंत् हो जाएँगे। इममानुएल का अर्त है, “परमेश्वर हमारे साथ”। जब यीरु पृरवी पर आया, तब उसने परमेश्वर और मनुषय के बीच के अलगाव को समाप्त कर दिया।

हमारे और परमेश्वर के बीच का अलगाव एक कलपना है। रैतान चाहता है दक हम उस अलगाव पर दवश्वास करें तादक वह हमें सामरय्तहीन रख सकें । हम अपने पाप के माधयम से परमेश्वर से अलग हो गए रे (यरायाह 59:2), परनतु यीरु ने अपने लहू के द्ारा पाप को दूर हटा द्दया है। इसदलए, दजस षिण हम नये दसरे से जनम लेते हैं, उस षिण के बाद कोई अलगाव नहीं रहता है। हमें कभी-कभी प्रतीत होता है दक वह हम से बहुत िूर है, परनतु वह िूर नहीं है। वह यहीं है। वह यहाँ है।

आइए आज हम इसे बिलें

1. भजन 46:1 कहता है, “संकट ्ें अडत-सहज सरे ड्लनरेवाला सहा्यक।” वाह! आपको इस दवचार से प्रेम करना होगा। क्या आपने कभी परेरानी के समय का सामना दकया है? परनतु धयान िें, वह दनरनतर-उपदसरत रहता है। दिर यह कहता है, संकट के समय में द्मलनेवाला सहायक। यह उसकी दनरनतर उपदसरदत है जो संकट के समय हमारी सहायता करती है।

2. उसरे उसकरे विन सरे ग्हण करें। यीरु ने मत्ती 28:20 में कहा, “और िेखो मैं जगत के अनत तक सिा तुमहारे संग हूँ।” इस वचन की गलत वयाखया करने का कोई तरीका नहीं है। यीरु सिैव आपकरे सार है। इस से आपके मन को रादनत दमलनी चादहए और सांतवना दमलना चादहए।

3. सीही डवश्वास, उपलडबध्यों का जीवन नहीं है, अडपतु पहिान का जीवन है। दिलेमोन 6 कहता है, “मैं प्रार्तना करता हूँ दक दवश्वास में तेरा सहभागी होना, तुमहारी सारी भलाई की पहचान में, मसीह के दलए प्रभावराली हो।” बहुत से लोग परमेश्वर की उपदसरदत और परमेश्वर की आरीष पाने में अपना धयान के दनरित करते हैं। परनतु पदवत्रास्त्र सपटि है: सवीकार करें। इस बात को पहचानें दक वह पहले से ही आप में है। उसके वरिान आप में पहले से ही हैं!

4. सीडह्यत ह्ाररे द्ारा पर्रेश्वर को खोजने करे बाररे ्ें नहीं है। वह यह है दक यीरु ने आकर हमें ढूँढा, उसने हमें अिम्त से रुद्ध करने के दलए अपना लहू बहाया, हमें अपनी बाहों में ले दलया, और उपना आतमा हमारे भीतर िँू का। अब वह प्रतयेक उस वयदति में रहता है दजसने उसे अपने उद्धारकता्त और प्रभु के रूप में सवीकार दकया है। रोदमयों 8:11 हमें बताता है दक परमेश्वर का आतमा हम में वास करता है!

5. ऐसी प्राथ्तना करनरे सरे बिें, “पर्रेश्वर, उतर आ और ्रेरी सहा्यता कर” ्या “अपनरे आत्ा को भरेज।” वह पहले ही आ चुका है। वह पहले से ही अपना आतमा भेज चुका है। हमारी लड़ाई यह दवश्वास करना है दक हम उसकी उपदसरदत को महसूस करते हैं या नहीं। वह हम में है!

6. ह् पर्रेश्वर करे रिए जीना नहीं है। ्यह पर्रेश्वर द्ािा जीवन जीना है।गलादतयों 2:20 कहता है, “अब मैं जीदवत न रहा, पर मसीह मुझ में जीदवत है।”

इसे सोचें और इसे कहें

मैं दकसी भी तरह परमेश्वर से अलग नहीं हूँ। वह संकट के समय मेरी सहायता करने के दलए सिैव उपदसरत है। उसकी दनरनतर उपदसरदत मेरी सहायता करती है! मैं यह जानता हूँ दक वह पहले से ही मुझ में है। इसी कारण मेरा दवश्वास काय्त करता है।

परमेश्वर िूर नहीं है। वह यहीं है। मैं उसके प्रेम से दघरा हुआ हूँ और उसकी उपदसरदत के छाया में हूँ। इसदलए मैं भयभीत नहीं हूँ। मैं परमेश्वर करे डलए जीने की प्रयास नहीं कर रहा हूँ; मैं उसके द्ारा जी रहा हूँ। उसका सामरय्त मुझमें है। उसकी उपदसरदत मुझमें है। उसका प्रेम मुझमें है। और कु छ भी, मुझे परमेश्वर के प्रेम से अलग नहीं कर सकता है, जो मसीह यीरु मेरे प्रभु में हैं! आमीन।



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