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“मैं रुक नहीं सकता।”

कोई आित, पाप, या नरे की लत को छोड़ना जीवन का सबसे कदिन काम हो सकता है; परनतु यह तब आसान हो जाता है जब हम यह जान लेते हैं दक यीरु न के वल हमारे पापों को षिमा करने के दलए मारा गया; अदपतु वह हमें पाप पर जय प्राप्त करने की सामरय्त िेने और सब बनिनों से मुदति दिलाने के दलए भी मारा गया।

“मेरा जीवन कु छ दवरेष नहीं है।”

यद्यदप यह सवीकार करना कदिन है, तौभी यह मानदसकता अक्सर हमारे जीवन की सतह के नीचे होती है। यह एक ऐसी मानदसकता है जो हमें एक औसत िजदे और उबाऊ अदसततव में पहुँचा िेती है।

छोटी सोच

छोटी सोच एक छोटे जीवन को उतपनन करती है। यदि हम अपने जीवन के दलए छोटी अपेषिाएँ रखेंगे, तो हमें वही दमलेगा। इस मानदसकता की समसया यह है दक परमेश्वर हमारी कलपना से बहुत बड़ा है, और हमारे दलए उसकी योजनाएँ हमारी समझ से परे है। छोटी सोि को अनत करनरे का स््य आ ग्या है!

“मैंने जयािा कु छ नहीं दकया है।”

जब बातें हमारी सोच के अनुसार आगे नहीं बढती हैं, तब हमें कभी-कभी ऐसा प्रतीत होता है दक हम पदवत् नहीं हैं या हम ने परमेश्वर की आरीष या अनुग्ह की प्रादप्त के योगय पया्तप्त मात्ा में प्रार्तना नहीं की है।

“मैं अपने अतीत को हटा नहीं सकता।”

आज हम उस दवचार से हटने का उपवास कर रहे हैं जो कहता है, “्ैं अपनरे अतीत को नहीं हटा सकता।” अक्सर हमारा अतीत वह होता है जो हमें सीदमत करता है और हमें परादजत करता रहता है।

“मैं उिास महसूस कर रहा हूँ।”

हम सभी ने इसे कभी न कभी महसूस दकया है। उिासी अब संसार में दवकलांगता का प्रमुख कारण है। अक्सर, उिासी हमारी कदमयों और गलदतयों के दलए अपने पर हमारा सवयं का क्ोि होता है।

“मैं अपमादनत महसूस कर रहा हूँ।”

हम सभी जानते हैं दक हमारे सार, अनयाय या बुरा वयवहार करने से और झूि या बुरी बातें बोलने से, हमें कै सा प्रतीत होता है। ऐसा होने पर अपमादनत महसूस करना बहुत ही सहज सी बात हैं और हम यह सोचते हैं दक हमें ऐसा महसूस करने का अदिकार है। परनतु यह एक दवनारकारी जाल है।

“मैं एक पीदड़त की तरह महसूस कर रहा हूँ।”

दवक्टर फ्ें कल ने, जो ऑरदवट्ज़ में नाज़ी मौत दरदवर से बच दनकला रा, सवतंत्ता को इस रूप में पररभादषत दकया, “जो दकसी भी पररदसरदत में अपने दृदटिकोण का चुनाव करने की षिमता रखता है।”

“यह असमभव है।”

आज आपके जीवन में ऐसा क्या है दजस की आरा आपने छोड़ िी है या दजसका होना आप असमभव मानते हैं? वह चाहे जो भी हो (बस वह कानूनी रूप से सही होना चादहए!), कभी हार न मानें। कभी भी हार न मानें।