“मैं िोषी महसूस करता हूँ।”

आज हम उस दवचार से हटने का उपवास कर रहे हैं जो कहता है, “्ैं दोर्ी ्हसूस करता हूँ।”

हम सभी के मन में ऐसे दवचार आते हैं जो हमें िोषी होने का एहसास कराते हैं, जैसे: “तुम सही काय्त नहीं करते हो। तुमने जो गलत दकया है उसे िेखो। तुम अचछे नहीं हो। तुम सही बातें नहीं कहते हो। तुम िीक ढंग से काम नहीं करते हो। तुम िूसरों के दलए उतना नहीं करते दजतना तुमहें करना चादहए। तुम बहुत खाते हो।”

सोच की यह रेखा िोष-बोि को उतपनन करती है, जो आतम-घृणा, िूसरों के प्रदत क्ोि, बुरे दनण्तयों, किोर रबि, दरदरलता और भय की ओर ले चलती है।

आइए आज हम इसे बिलें

1. यीशु आपको दोर्ी घोडर्त नहीं करता है। इसका अर्त यह नहीं है दक आपने कभी पाप या गलत नहीं दकया है। इसका अर्त है दक उसने आपके सभी पापों और अपराि को उसके लहू से िो दिया है। परमेश्वर का वचन यीरु को हमारे दलए िोष बदल के रूप में घोदषत करता है, इस प्रकार हमें अपराि बोि से मुति घोदषत करता है।

2. पर्रेश्वर जो दरेखता है उसरे दरेखें। कु लुदससयों 1:22 को सवीकार करें, जो कहता है दक यीरु के लहू के द्ारा, “तुमहें अपने सममुख पदवत् और दनषकलंक और दनिटोष बनाकर उपदसरत दकया।” जब परमेश्वर आपको िेखता हैं तब यीरु को िेखता हैं –जैसे याकू ब अपने दपता इसहाक के सामने अपने भाई की खाल, बाल और सुगनि के सार गया। दपता ने याकू ब के वैसे िेखा के मानो वह एसाव रा। और वह आपको ऐसे िेखता है जैसे आप यीरु हैं — दबना दकसी िोष के ।

3. अय्यू ्यूब 10:7 पर ध्या न लगाएँ। “तुझे तो मालूम ही हैं कि मैं दुष्ट नहीं हूँ।” जब कोई व्यक् ति नये सि रे से जन्म लेता है, तब वह यीशु के लहू से पाप और अपराध से मुक्त हो जाता हैं, और इसलि ए दोषी नहीं ठहरता।

4. जब आप असफल होते हैं, तो इसे अस्वी कार न करें। इसे स्वी कार करें। अंगीकार कर लें। 1 यूहन्ना 1:9 कहता है, “यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्ष मा करने और हमें सब अधर्म धर्म से शुद्ध करने में विश्वा सयोग्य और धर्मी हैं।”

5. यह पहले ही किय ा जा चुका है! विश्वा स करें कि यह पहले ही किय ा जा चुका है। क्रू स पर यीशु के अन्ति म शब्द , “पूरा हुआ” थे। उस समय, आपके पाप और अपराध की कीमत चुकाई गई थी। इब्रानि यों 1:3 कहता है, “उसने हमें हमारे पापों से धो दिया।”

6. यह सोचना बन्द कर दें कि आपको क्षम ा पाने के लि ए दोषी महसूस करने की आवश्यकता है। कभी-कभी हम सोचते हैं कि हमारा हर बात के लि ए दोषी और बुरा महसूस करना लोगों के कारण है। यह सोचना बन्द करें। आप पर कि सी का भी अधिपत्य नहीं हैं। यह न समझें कि अपराध बोध कि सी न कि सी तरह कि सी बात का भुगतान करता है। यीशु के लहू ने यह सब चुका दिया है। जब हम ऐसा सोचते हैं कि हम परमेश्वर या कि सी और के प्रति दोषी हैं, तो यह उसके लहू का अपमान होता है।

7. आपने जो नहीं किय ा है, उसके बारे में स्वय ं को चोट पहुँचाना बन्द करें। हम अक्स र आत्म -दोष-के-भाव के साथ स्व यं को दण्डि त करते हैं। हम परमेश्वर के लि ए कभी भी पर्या र्याप्त नहीं करेंगे। इसलि ए यीशु ने यह सब कुछ कि या। उसने पाप, अभिश भिश ाप और हमारी विफ लता के लि ए भुगतान कि या। हमारा काम केवल वि श्वा स करना है।

इसे सोचें और इसे कहें

यीरु ने मुझे दोर्ी घोडर्त नहीं दकया है। यहाँ तक दक जब मुझे लगता है दक मैं जयािा कु छ नहीं कर रहा या मैं जयािा अचछा नहीं हूँ, तब भी परमेश्वर कहता है दक उस पर डवश्वास करना ही प्या्तप्त है।

मुझे षिमा पाने के दलए िोषी महसूस होने की आवशयकता नहीं है। मुझे यीरु पर दवश्वास करने के द्ारा षिमा दकया गया है।

आज मैं सवयं को उन सभी बातों से चोट पहुँचाना बनि करता हूँ, जो मैंने की है या नहीं की है।

मुझे दसद्ध होने की आवशयकता नहीं है, वह पहले से ही दसद्ध है; इसदलए, यीरु के नाम में, मैं अपना दवश्वास उस पर रखता हूँ!



Categories: christianity, hindi

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