“मुझे क्ोि आ रहा है।”

आज, हम क्ोि से हटने का उपवास कर रहे हैं –ऐसे दवचार, “्ुझरे रिोध आ रहा है,” या, “वरे ्ुझरे बहुत रिोडधत कर रहरे हैं।”

क्ोि एक सामरषी भावना है जो सपटि रूप से हमें और िूसरों को िेस पहुँचा सकता है। यह बुरे दनण्तयों, षिदतग्सत समबनि, तनाव और रारीररक बीमारी की ओर ले जाता है।

आइए आज हम इसे बिलें

1. अपनरे भीतर की सा्र्य्त की खोज करें। समरण रखें, क्ोि िुब्तलता की भावना से आता है। जब हम दकसी बात को बिलने के दलए असमर्त महसूस करते हैं, तो हम िर जाते हैं, दजससे क्ोि आता है। 2 तीमुदरयुस 1:7 कहता है दक परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामरय्त और प्रेम और संयम की आतमा िी हैं। इस वचन पर मनन करें। आपके पास सामरय्त है।

2. सुननरे ्ें ततपर हों और बोलनरे ्ें धीर हों। याकू ब 1:19 कहता है, “हे मेरे भाइयो, यह बात तुम जान लो : हर एक मनुषय सुनने के दलए ततपर और बोलने में िीर और क्ोि में िीमा हो।” इस सरल पद्धदत का पालन करें, और क्ोि अपनी पकड़ खो िेगा।

3. इस बात को पहिानें डक रिोध का् नहीं करता। यह कु छ भी उतपनन या प्ाप्त नहीं करता है। याकू ब 1:20 कहता हैं: “क्योदक मनुषय का क्ोि परमेश्वर के िम्त (काय्त, उतपािन) का दनवा्तह नहीं कर सकता है।” यदि आपके पास एक ऐसा कम्तचारी होता जो काम नहीं करता, उतपािन, या कु छ प्राप्त नहीं करता है, तो आप उसे काम से दनकाल िेंगे, है ना? अपने जीवन से अपने क्ोि को दनकाल िें। इससे कु छ प्राप्त नहीं होगा।

4. अनसुलझरे संघर््त सरे आज ही डनपटें! इदिदसयों 4:26 में कहा गया है, “सूय्त असत होने तक तुमहारा क्ोि न रहे।” आज आपके सार दजस दकसी के दवरूद्ध जो कु छ भी हो, उसके सार रादनत बनाएँ। इसे एक घाव न बनने िें। आप इस बात स आश्चय्तचदकत होंगे दक आप दकतना कम क्ोि महसूस करेंगे।

5. रिोध ्हसूस करना िीक है, परनतु इसरे सही डदशा दें – शैतान की ओर। धयान िें, अगला वचन कहता है, “रैतान को काय्त करने का अवसर न िो” (इदिदसयों 4:27) रैतान चाहता है दक आप अपने क्ोि के दलए िूसरों को िोष िें। परनतु धयान रखें, रैतान के अदतररति और कोई भी िोषी नहीं है! एक मरीन गन दलए सैदनक की तरह है दजसने अभी-अभी रत्ु को ढूँढ दनकाला है, अपने हदरयार को पूरी तरह से उसकी ओर घुमायें।एक आक्मक बल के सार वचन बोलते हुए, रैतान का दवरोि करने के दलए अपने क्ोि का उपयोग करें, और उसके काय्त करने के अवसर को समाप्त करें!

6. पूररे डित्र को प्राप्त करें। हम अक्सर इसदलए क्ोदित होते या िरते हैं क्योंदक हम के वल एक ही दचत् को िेखते हैं जो वासतव में चल रहा होता है। जैसे ही आपको क्ोि आता है, परमेश्वर से बड़े दचत् को िेखने हेतु अपनी आँखों को खोलने के दलए कहें।उसने एदलरा के िास के दलए भी ऐसा ही दकया रा। वह आपके दलए भी करेगा!

इसे सोचें और इसे कहें

मैं क्ोि की सामरय्त से मुति हूँ। मुझे इस पर अदिकार है! मेरे पास सामरय्त, प्रेम और एक दसरर मन है। मैं दबना सोचे-समझे काम नहीं क ँरूगा अदपतु सुनने और िीरे बोलने को चुनँूगा। मैं क्ोि से कहता हूँ: ्ैंनरे तुमहें बाहर डनकाल डद्या है!

मैं अपनी क्ोि की भावनाओ ं के दलए दकसी को भी िोष िेने से इनकार करता हूँ। मैं अपनी क्ोिी भावनाओ ं को, परमेश्वर के वचन को बोल कर, रैतान के दवरूद्ध उपयोग क ँरूगा,और आज अपने दवश्वास में दृढता के सार उसका दवरोि क ँरूगा, यीरु के नाम से!



Categories: christianity, hindi

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