“मेरा जीवन कु छ दवरेष नहीं है।”

आज हम उस दवचार से हटने का उपवास कर रहे हैं जो कहता है, “्रेरा जीवन कु छ डवशरेर् नहीं है।”

यद्यदप यह सवीकार करना कदिन है, तौभी यह मानदसकता अक्सर हमारे जीवन की सतह के नीचे होती है। यह एक ऐसी मानदसकता है जो हमें एक औसत िजदे और उबाऊ अदसततव में पहुँचा िेती है।

आइए आज हम इसे बिलें

1. आपकरे पास एक गंतव्य है। इस पर दवश्वास करें। दयम्तयाह 1:5 कहता है, “गभ्त में रचने से पहले ही मैं ने तुझ पर दचत्त लगाया, और उतपनन होने से पहले ही मैं ने तेरा अदभषेक दकया…”

2. इस गीत को स्रण रखें, “्यह सि है कै सरे ्यकीन कर लूँ, तरेररे िरेहररे सरे नज़र कै सरे हटा लूँ।” परमेश्वर आपके बारे में यही कह रहे हैं! उतपदत्त 16:13अ कहता है, “तू सव्तिरषी ईश्वर है!”

3. आप डकसी सरे डछप नहीं सकतरे। लूका 8:47 कहता हैं, “जब स्त्री ने देखा रक ्मैं रिप नहीं सक्ी, तब काँपती हुई आई और उसके पाँवों पर दगर गई।” आप परमेश्वर के द्ारा चुने गए हैं।

4. यीशु आ रहा है! क्या आपको यीरु को िेखने के दलए एक पेड़ पर चढा हुआ जक्कई का समरण है? लूका 19:5 में, “जब यीरु उस जगह पहुँचा, तो ऊपर दृदटि करके उससे कहा, “हे जक्कई, झट उतर आ; क्योंदक आज मुझे तेरे घर में रहना अवशय है।” वह आज आपकरे घर आना चाहता है। आप उसकरे डलए इतनरे ्हतवपूण्त हैं।

5. आप डपता की आँखों की पुतली है। जो कोई आपको छू ता है वह परमेश्वर की आँखों की पुतली को छू ता है। आप परमेश्वर की सबसे बड़ी इचछा हैं। वह आपमें आनंदित होता है!

इसे सोचें और इसे कहें

मेरे पास एक गंतवय है। मुझे परमेश्वर ने चुना है। मैं यीरु से दछप नहीं सकता। वह मुझे िेखता है, और मुझे पहचानता है, और मुझे अपना कहता है। वह मेरे घर आ रहा है क्योंदक वह मुझसे प्रेम करता है और मुझे महतवपूण्त मानता है। मैं तुचछता और महतवहीनता की सभी भावनाओं को असवीकार करता हूँ। यीरु के नाम से मैं उसकी आँखों की पुतली हूँ!



Categories: christianity, hindi

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