छोटी सोच

आज हम छोटी सोि से मुदति के दलए उपवास कर रहे हैं। ्यह सब कु छ पररवडत्तत कर दरेगा!

छोटी सोच एक छोटे जीवन को उतपनन करती है। यदि हम अपने जीवन के दलए छोटी अपेषिाएँ रखेंगे, तो हमें वही दमलेगा। इस मानदसकता की समसया यह है दक परमेश्वर हमारी कलपना से बहुत बड़ा है, और हमारे दलए उसकी योजनाएँ हमारी समझ से परे है। छोटी सोि को अनत करनरे का स््य आ ग्या है!

आइए आज हम इसे बिलें

1. आपका ईश्वर बहुत छोटा है! जब ह् एक छोटरे पर्रेश्वर को जानरे दरेतरे हैं तो सब कु छ बदल जाता है। आपका पर्रेश्वर डकतना ्हान है? वैज्ादनकों का अनुमान है दक आकारमंिल में 100 अरब से अदिक आकारगंगायें हैं और उन में से प्रतयेक में 100 अरब तारे हैं! और परमेश्वर ने उनहें बनाया और वह उन सभी को नाम लेकर बुलाता है। वह अदत ्हान है!

2. वह डकतना ्हान है? वह इतना महान है दक, वह इस संसार के पाप को िूर करता है; हमें िणि के दबना गलती करने करने िेता है; मानवीय मनों में बड़े सपनों को िालता है; और वह इतना महान है दक उसको सवीकार करने के दलए, उसे हमें िमकाने के आवशयकता नहीं है। वह एक ्हान अडत ्हान पर्रेश्वर है!

3. बड़ा सोिें! अपने मन को परमेश्वर की भाषा में नया कर लें। उिाहरण के दलए: “िेर-िेर की माँग करें” (भजन 2); “पहाड़ से बात करें” (मरकु स11); “तेरा वंर आकार के तारागण जैसा होगा” (उतपदत्त 15); “तू भूदम का अदिकारी होगा” (दगनती13), और इसी तरह की और बातें। परमेश्वर बड़ी भाषा का उपयोग करता है और हमें बड़े सपने िेता है!

4. बड़ी बात की ्ाँग करें! अपनरे अनदर करे ्याबरेस को जगाएं! उसनरे प्राथ्तना की: “भला होता डक तू ्ुझरे सि्ुि आशीर् दरेता, और ्रेरा दरेश बढ़ाता….” आज उससरे ्यह ्ाँगरे, “और जो कु छ उसनरे ्ाँगा, वह पर्रेश्वर नरे उसरे डद्या।” इदिदसयों 3:20 कहता है, “अब जो ऐसा सामरषी है दक हमारी दवनती और समझ से कहीं अदिक काम कर सकता है।” परमेश्वर दजस तरह से चाहता है उस तरह से माँगना और सोचना आरमभ करें।

5. कभी भी सपनरे दरेखना और उत्त् जीवन की कलपना करना बनद न करें।प्रेररतों 2:27 में परमेश्वर कहता है, “द्क अनत के द्दनों में ऐसा होगा द्क मैं अपना आतमा सब मनुषयों पर उंडेलँूगा और तुमहारे बेटे और तुमहारी बेद्टयाँ भद्वषयद्ारी करेंगी, और तुमहारे जवान दर्कन देखेंगे, और तुमहारे पुरद्नए सवपन देखेंगे।” क्या आप िेख रहे हैं? वह कहता है, “तुमहारे पुरदनए सवपन िेखेंगे” क्योंदक जब हम वृद्ध हो जाते हैं तौभी, हमें सपने िेखना बनि नहीं करना चादहए! परमेश्वर चाहता है, दक चाहे कु छ भी क्यों न हो आप सपने िेखें!

6. अपना सथान लें! इस से मेरा क्या अर्त है? परमेश्वर ने हमें यीरु मसीह के सार सवगषीय सरानों पर बैिाया है (इदिदसयों 2:6)। हमें एक ईश्वरीय अदिकार और ईश्वरीय दृदटिकोण दिया गया है। हमें जीवन को इसी तरह से िेखने की आवशयकता है –अरा्तत् अपने सरान से, सभी सीमाओं से ऊपर बैिे हुए!

7. इसरे अपनरे ्न और हृद्य पर छापें: िाजकी् गौिव आत्महीन्ा को नष्ट कि्ा है! अपने नए रति समबनि से सवयं को पररदचत कराए। आप मसीह में राजघराने के हैं। यह आपको जीवन पर राजय करने िेता है (रोदमयों 5:17)। जब आप जानते हैं दक आपको उसके लहू के द्ारा पदवत् और राजकीय बनाया गया है, तो यह आपको एक दसंह के रूप में आतमदवश्वासी और साहसी बनाता है! इस पर दवश्वास करें!

इसे सोचें और इसे कहें

मैंने एक छोटी सोच रखना छोड़ दिया है। मैंने एक छोटे ईश्वर को जाने दिया है। मैं परमेश्वर की तरह बातों को िेखने के तरीके और परमेश्वर की भाषा से सहमत हूँ। मैं प्रतयेक दिन बड़ा और बड़ा सोचने का और उन बातों की माँग करने का दनण्तय लेता हूँ जो परमेश्वर ने मुझ से माँगने के दलए कही हैं। मैं उन सवपनों और िर्तनों को सवीकार करता हूँ जो पदवत् आतमा मुझे िेना चाहता है; और मैंने यीरु के नाम में सारी असिलता, दनरारा और भय आिाररत दवचारों को जाने दिया है!



Categories: christianity, hindi

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