समसया-के दनरित” मानदसकता

आज हम उस बात से हटने का उपवास कर रहे हैं दजसे मैं “स्स्या-करे डनद्त” मानदसकता कहता हूँ। समसया के दनरित मानदसकता दसि्त समसया को िेखती है और उसके बारे में बोलती है।

आइए आज हम इसे बिलें

1. कभी भी डकसी स्स्या को करे वल पहिान लरेनरे सरे सनतुष्ट न रहें। संसार में पया्तप्त मात्ा में आलोचक और दरकायतकता्त हैं। संसार को समािान-की-खोज करने वाले लोगों की आवशयकता है, न दक के वल उन लोगों की जो दकसी समसया को पहचान करके उसके बारे में बता सकें ।

2. ह्ें जीवन ्ें उन स्स्याओं करे डलए प्रडतफल डद्या जाता है, डजनका ह् स्ाधान करतरे हैं, न डक वरे डजनहें ह् करे वल पहिानतरे हैं। उतपदत्त 41 में, यूसुि ने न के वल आने वाले अकाल को पहचाना, अदपतु उसने अकाल के समािान का प्रसताव भी प्रसतुत दकया। पररणामसवरूप, वह संसार का सबसे सामरषी वयदति बन गया। यहाँ तक दक दिरौन ने यूसुि के सामने अपने मन को झुकाया और उसकी सामरय्त को पहचाना।

3. गडणत सरे प्ररे् करें! मेरे कहने का क्या अर्त है? गदणत एक महान रास्त्र है क्योंदक वह प्रमादणत करता है दक प्रतयेक समसया का समािान है। चाहे आपको सकू ल में गदणत पसनि रा या नहीं, पर हमें इसकी आवशयकता है: प्तयेक बात का एक समािान है। उसे ढूँढें।

4. आपकरे पास ्सीह का ्न है। उसके मन के सार, आप उसके समािानों को पाएँगे। मनुषय द्ारा दनदम्तत प्रतयेक समसया के दलए, परमेश्वर के पास एक समािान है। और आपके पास उसका मन है!

5. पडवत्र आत्ा पर डनभ्तर हो। जब हम पदवत् आतमा की अगुवाई में चलते हैं और पदवत् आतमा में होकर प्रार्तना करते हैं, तब हम अपनी पररदसरदत में उसके समािान को ले आते हैं। रोदमयों 8:26–27 कहता है “इसी रीदत से आतमा भी हमारी िुब्तलता में सहायता करता हैं; क्योंदक हम नहीं जानते दक प्रार्तना दकस रीदत से करनी चादहए, परनतु आतमा आप    हमारे दलये    परमेश्वर की इचछा [समािान] के अनुसार दवनती करता है।”

6. स्स्या करे बाररे ्ें बात करना बनद करें और स्स्या सरे बात करना आरमभ करें। यीरु ने कहा, “यदि इस पहाड़ से भी कहोगे, उखड़ जा, और समुरि में जा पड़ तो यह हो जाएगा।” समसया को हटाने के दलए अपने मँुह का उपयोग करें।

इसे सोचें और इसे कहें

मुझे दवश्वास है दक परमेश्वर मुझे जीवन की समसयाओं का अर्त बताएगा और वह मुझे ज्ान और उत्तर के सार आरीदषत करेगा। मैं दवश्वास करता हूँ दक प्रतयेक समसया का समािान है क्योंदक मेरे पास मसीह का मन है। मैं आतमा को आमंदत्त करता हूँ दक वह मेरे द्ारा प्रार्तना करे और परमेश्वर की इचछा और समािान को मेरे जीवन में और मेरे आस पास रहने वाले लोगों के जीवन लाए! 



Categories: christianity, hindi

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