“मैं दचदनतत महसूस करता हूँ।”

आज हम उस दवचार से हटने का उपवास कर रहे हैं जो कहता है, “्ैं डिडनतत ्हसूस करता हूँ।”

हम सभी अपने जीवन में कई बार दचनता का सामना करते हैं। दचनता के कु छ लषिणों में मन में घबराहट, तनाव, रकान, दनरारा, हृिय में िि्त, सांस की तकलीि, पेट में िि्त और दसरिि्त का होना सममदलत हैं। आपको इस तरह से जीवन यापन करने की कोई आवशयकता नहीं है।

आइए आज हम इसे बिलें

1. डिनता को एक पररडसथडत की अपरेषिा एक संकरे त करे रूप ्ें दरेखें। यह प्रार्तना करने के दलए एक संके त है, और प्रार्तना उस बात को बिल िेगी दजसका आप सामना कर रहे हैं।

2. इसकरे बाररे ्ें अडधक प्राथ्तना करना = इसकरे बाररे ्ें क् डिडनतत होना।याकू ब 5:16 कहता है, “िमषी जन की प्रार्तना के प्रभाव से बहुत कु छ हो सकता है।” दचनता को घटानरे का प्रयास बनि न करें। इसकी अपेषिा जब भी आपको महसूस हो, उसी षिण उसमें प्रार्तना में जाएँ, और दचनता छोड़कर चली जाएगी!

3. जब घबराहट आरि्ण कररे, तो आप वापस आरि्ण करें! आप दचनता और घबराहट के ऊपर कै से आक्मण कर सकते हैं? आप अपने मँुह से परमेश्वर का वचन बोलकर उन पर आक्मण कर सकते हैं।

4. यह आपकी गलती नहीं है! इस सतय को अपनाएँ। दचदनतत महसूस करने के दलए सवयं को िोष न िें। यह ऐसा चोर है, जो चोरी करने, मारने और नटि करने के दलए आता है। दचनता महसूस होने पर सवयं को चोट पहुँचाना बनि करें। इसके बजाय परमेश्वर का वचन बोलकर रत्ु पर वार करें।

5. अपनरे ्ूल्य को स्रण रखें। क्योंदक आप परमेश्वर की दृदटि में बहुत अदिक मूलयवान हैं, वह आपकी िेखभाल करेगा। हाँ, वह आपको महतव िेता है, क्योंदक उसने आपका मूलय यीरु के लहू से चुकाया है! दचनता और घबराहट अपनी सामरय्त को खो िेंगे।

6. पर्रेश्वर की सतुडत करें। “श्वास लेने वाले सभी प्राणी, याह की सतुदत करें!” (भजन 150:6)। दवरेषज् इस बात से सहमत हैं दक श्वास वासतव में दचनता कम करने में सहायक है। परनतु जब आप श्वास लेते हैं तो परमेश्वर की सतुदत हो, आप न के वल दचनता का दनपटारा करते हैं, अदपतु आप उस पर प्रभुतव भी पाते हैं।

इसे सोचें और इसे कहें

दचनता ने मुझ पर अपनी सामरय्त को खो दिया है। जब मैं दचदनतत महसूस करता हूँ, तो वह प्रार्तना और परमेश्वर की सतुदत करने का संके त होता है। जब मैं प्रार्तना को जोड़ता हूँ, तो दचनता घट जाती है। क्योंदक मैं परमेश्वर के दलए बहुत अदिक मूलयवान हूँ, मुझे पता है दक वह मेरा धयान रखेगा। मैं परमेश्वर का वचन बोलकर रत्ु पर आक्मण करता हूँ। रादनत का राजकु मार मेरे अनिर वास करता है, इसदलए, मेरे मन और हृिय में रादनत बनी हुई है। यीरु के नाम से आज मैं परमेश्वर की सतुदत की श्वास लेता हूँ!



Categories: christianity, hindi

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