“आननि पाना बहुत कदिन है।”

आज हम उस सोच से हटने के दलए उपवास कर रहे हैं जो कहता है, “आननद पाना बहुत कडिन है। ।”

मनुषय के मन में आननद से बढ़कर कोई और बड़ी या गहरी इच्ा नहीं होती है। यही अके ली एक ऐसी भावना है जो मनुषय के प्तयेक द्नर्कय और लक्य को संचाद्लत करती है।

जब से समय का आरमभ हुआ– तब से लोग आननि की खोज कर रहे हैं–वे इसे खरीिने का, इसका वयापार करने का, या इसे खोजने का प्रयास करते हैं। परनतु इसे प्राप्त करना कदिन नहीं है।

आइए आज ह् इसरे बदलें

1. आपको आननद की खोज करनरे की आवश्यकता नहीं है। आननि आपकी खोज करेगा! यीरु मत्ती 6:33 में हमें बताता है “   तो ये सब वसतुएँ भी तुमहें दमल जाएँगी।” जब आप परमेश्वर के राजय की खोज करते हैं, तब आप यह अपेषिा रख सकते हैं दक आननि को आपके जीवन में जोड़ा जाएगा। आप यह कै से कर सकते हैं?प्रतयेक दिन का आरमभ परमेश्वर के वचन के बीज को अपने जीवन में बोने से करें।

2. धन्य है वह पुरुर् जो सव्यं दंडित नहीं करता। अभी अपने जीवन में िंि के एक और षिण को सहन करने से इनकार करें। रोदमयों 8:1 कहता है, दणड की आज्ा नहीं है। दवश्वास करें दक यीरु ने आपको िणि की आज्ा से मुति कर दिया है, और आप आननि पाएँगे!

3. अप्रसननता को पर्रेश्वर पर भरोसा करनरे करे एक संकरे त करे रूप ्ें दरेखें।दयम्तयाह 17: 7 कहता है, “िनय है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है।” आज इस बात की घोषणा करें दक आप उस पर भरोसा करते हैं!

4. जीवन ्ें सबसरे पर् आननद ्यह आश्वासन है डक आपसरे कोई प्ररे् करता है। आप सुदनदश्चत हो सकते हैं दक चाहे कु छ भी हो—परमेश्वर आपसे प्रेम करता है। कोई भी आपको उसके प्रेम से अलग नहीं कर सकता। इस बात पर दवचार करें।

5. पर्रेश्वर आज आपकी प्रसनन रहनरे ्ें सहा्यता कररेगा। भजन 146: 5 कहता है, “क्या ही िनय वह है, दजसका भरोसा अपने परमेश्वर पर है।” आज उसकी सहायता माँगे। आज उससे आरा को मांगें। यह दवश्वास करें दक आपने इसे प्राप्त दकया है, और आप आननि पाएँगे।

6. उसकी उपडसथडत ्ें आननद की भिपूिी है। समरण रखें दक आप यीरु के लहू द्ारा अब उसकी उपदसरदत में हैं और पदवत् आतमा आप में वास करता है! यह आपके जीवन के दृदटिकोण को बिल िेगा।

इसे सोचें और इसे कहें

मेरे पास जीवन में प्रसननता और आननि की पूण्तता है क्योंदक मैं परमेश्वर की उपदसरदत में हूँ, और पदवत् आतमा मुझमें रहता है। मैं यह जानकर दक परमेश्वर मुझसे प्रेम करता है, जीवन के सबसे परम आननि में चलता हूँ। मैं सवयं िंदित करने से इनकार करता हूँ क्योंदक मसीह यीरु में, कोई िंि नहीं है। परमेश्वर सिैव मेरी सहायता करेगा, और मेरी आरा उसी में है। इसदलए, यीरु के नाम में, मैं आनदनित हूँ!



Categories: christianity, hindi

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