“कोई मुझसे पयार नहीं करता।”

हमने अपने जीवन की सबसे महतवपूण्त यात्ा की आरमभ की है: गलत सोच से हटने वाले उपवास। और आज का दवचार, किादचत् हम में से दकसी के दलए बहुत अदिक महतवपूण्त हो सकता है, जो उसे एक गहरे सतर पर इसका अनुभव करते हैं।

आज हम उस दवचार से हटने का उपवास कर रहे हैं जो कहता है, “कोई ्ुझसरे प्यार नहीं करता।”

प्रेम प्रादप्त प्रतयेक मानवीय जीवन में सबसे अदिक – प्रारदमक आवशयकता है। दिर भी िु:ख की बात यह है, दक वासतव में, के वल कु छ ही लोग एक ऐसे जीवन का आननि उिाते हैं दजस में उनहें प्रेम महसूस होता है। 

आइए आज हम इसे बिल

1. पर्रेश्वर आप पर रिोडधत नहीं है, वह आपकरे डवर््य ्ें अडत उतसाही है!क्ोदित परमेश्वर की कलपना को िूर करें। उसने यीरु पर, जब वह क्ू स पर रा, अपना सारा क्ोि उणिेल दिया है, तादक वह आप पर सिा अपना प्रेम उणिेल सके । “परमेश्वर प्रेम है।”

2. ह्ारी भावनाएँ ह्ाररे डविारों का अनुसरण करती हैं। अपने मन को इस दवचार से भर िें, “मेरा सवगषीय दपता मुझसे प्रेम करता हैं!” (यूहनना 16:27) आप और परमेश्वर अदवभाजय हैं। आपको उससे या उसके प्रेम से कोई अलग नहीं कर सकता। अपने ररीर के प्रतयेक तनतु के सार इस बात का दवश्वास करें!

3. अपनरे ्ूल्य को पहिानें। कला की एक कृ दत का मूलय इस बात से दनिा्तररत नहीं होता है दक उसे बनाने में दकतना िन खच्त हुआ है, अदपतु इस बात से दनिा्तररत होता है दक कोई उसे पाने के द्लए द्कतना मूलय चुकाएगा। परमेश्वर ने हमारे दलए यीरु के लहू से भुगतान दकया है। यह हमें परमेश्वर के दलए उतना ही मूलयवान बनाता है, दजतना की यीरु है! आप अनमोल हैं!

4. आपको ऐसा कु छ अडज्तत करनरे की आवश्यकता नहीं है डजसरे पर्रेश्वर नरे पहलरे सरे दरे रखा हो। वह आपसे प्रेम करता है। इसे कमाया नहीं जा सकता है। यह परमेश्वर की ओर से एक भेंट है (यूहनना 3:16)। इसे सवीकार करें। आपका मूलय इस बात से दनिा्तररत नहीं होता है दक आपने क्या दकया है या क्या नहीं दकया है। बस सवयं को प्ेम करने की अनुमदत िें।

5. डतरसकार की आवाज़ों को असवीकार करें। िप्तण में िेखें और सवयं को बताएँ दक आप परमेश्वर द्ारा चुने गए हैं, और आपके सवगषीय दपता ने आपको सवीकार दकया है और वह आपसे बहुत अदिक प्रेम करता है!

6. अपनी बुलाहट को पहिानें। इसके द्ारा, मेरा यह अर्त नहीं है दक आप सेवकाई या वयवसाय के प्रदत बुलाहट को पहचानें। मैं इस बारे में बात कर रहा हूँ, दक परमेश्वर आपको क्या बुलाता हैं। वह बाइबल में दनरनतर आपको उसके द्प्य कह कर बुलाता है। वचन में इसे खोजें। आप उसके दप्रय हैं। इसदलए, सवयं को प्ेम करने िें!

इसे सोचें और इसे कहें

परमेश्वर मुझ पर क्ोदित नहीं है; वह मेरे बारे में उतसाही है! वह मुझसे बहुत अदिक प्रेम करता है!

उसका क्ोि क्ू स पर के वल एक पल के दलए ही रा, परनतु उसका प्रेम और अनुग्ह जीवन भर के दलए है! मेरा सवगषीय दपता बहुत अदिक ियालु है और वह मुझसे बहुत अदिक प्रेम करता है। इसदलए, आज मैं उसके प्रेम को महसूस क ँरूगा! वह मुझे दनरनतर अपना दप्रय कहता है। कोई भी मुझे उसके प्रेम से अलग नहीं कर सकता। मैं उसके दलए मूलयवान और अनमोल हूँ। मैं परमेश्वर के दलए उतना ही मूलयवान हूँ दजतना दक यीरु है। मैं यीरु के नाम से दवश्वास के द्ारा उसके प्रेम को ग्हण करता हूँ!



Categories: christianity, hindi

Tags: , , , , , , , , , , , , ,

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: