आपके आत्मिक सुझाव समिति में कौन है?

परमेश्वर कई बार अपनी इच्छा और बुद्धि, दूसरे मसीह विश्वासियों द्वारा बताते हैं! मैं कई बार इसकी गिनती भी नहीं कर सकता, जब परमेश्वर ने दूसरे मसीही द्वारा अपना संदेश मेरे ह्रदय तक पहुचाया है। मैने कई बार उनकी धीमी आवाज़ अपने पास्टर, पोडकास्ट, अपने मित्रों, अपने बच्चों, किसी ब्लॉगर या अपने लाइफ ग्रुप के सदस्य द्वारा सुनी है। सही मायने में, इनमें से कुछ को मैं अपना आत्मिक सुझाव समिति मानता हूँ। वे हैं: मेरा जीवनसाथी, मेरे गुरू, प्रार्थना सहयोगी, मेरा दोस्त, और मेरे माता पिता।
आप क्या कहते हैं? क्या आप दूसरे विश्वासियों की जिनका आप आदर करते हैं, उन्हें खोजते और उनकी सुनते हैं? अपने संगी विश्वासियों से लगातार जुड़े रहना (खासकर जो परमेश्वर के वचन में लगे हुए हैं और बढ़ रहे हैं), आपके निजी विश्वासी यात्रा के लिए बहुत ज़रूरी है।
तौभी, केवल उन्हें सुनना ही काफ़ी नहीं है। जो सुझाव या ज्ञान आपने सुने हैं, क्या आप अक्सर उस सलाह या ज्ञान का अभ्यास करते हैं? इस बात को समझिये और मसीह समुदाय में मिले रहे! अपने विश्वास-परिवार की सुनें। हमें उनकी ज़रूरत है, और उन्हें आपकी ज़रूरत है।
आज का पाठ नीतिवचन १८:२, से लिया गया है जो हमें खुलकर कहता है कि सब कुछ जानना भी एक दोष है। व्यक्तिगत रूप से मैं भी मूर्खता से नहीं खेलना चाहता। मुझे भी इस बात को चुनना ज़रूरी है कि मैं नम्र और सीखने योग्य रह सकूं, ताकि परमेश्वर की दिशाओं, सुधार और स्नेह को सुन सकूं। मेरे ह्रदय को नम्रता और सीखने की दशा में रहना ज़रूरी है, क्योंकि परमेश्वर अक्सर अपने अन्य बच्चों द्वारा हमसे बातचीत कर सकते हैं।
पिता से मांगे: मेरे आत्मिक सलाह समिति में रहने के लिए किस की ज़रूरत है?
आज की आराधना गीत संस्तुति: सेट आ फायर, विल रीगन और यूनाइटेड परसूट द्वारा।



Categories: christianity, hindi

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